Thursday, 24 October 2013

15 नए निजी कॉलेजों को ईटीटी दाखिला करने की दी मान्यता

पुराने कॉलेजों में सीटें खाली नई भरने की अनुमति
15 नए निजी कॉलेजों को ईटीटी दाखिला करने की दी मान्यता

•अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में ईटीटी कोर्स के लिए पहले से ही सौ के करीब कालेजों में सीटें बड़ी तादाद में खाली पड़ी हैं और सरकार ने 15 नए प्राइवेट कालेजों को ईटीटी दाखिला करने की मान्यता दे दी है। पुराने निजी कालेजों को एक सप्ताह के भीतर खाली सीटों को भरने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब में 17 सरकारी ईटीटी संस्थान थीं, लेकिन मोगा और नवांशहर में मूलभूत ढांचा और स्टाफ की कमी के कारण एनसीईआरटी ने इन संस्थाओं को दाखिला करने से रोक दिया था। इस बार मोगा में इमारत बन गई है और नवांशहर में भी अगले वर्ष से दाखिला संभव है। इसके अलावा राज्य में 83 प्राइवेट कालेज ईटीटी के दाखिले के लिए मान्यता प्राप्त हैं। इनमें दाखिले के झगड़े को निपटाने के लिए अब 2012-13 का दाखिला किया गया है। सरकारी कालेजों और तीन निजी कालेजों में प्रत्येक में 100 सीटें हैं। अन्य 80 कालेजों में प्रत्येक में 50 सीटें हैं। इस तरह 3500 से ज्यादा सीटों में से करीब 40 फीसदी सीटें खाली बताई जा रही हैं।
इसी दौरान वर्ष 2013-14 के दाखिले के लिए 15 नए प्राइवेट कालेजों को ईटीटी में दाखिला लेने की अनुमति दी गई है। इनमें 750 सीटें और बढ़ जाएंगी। अब सवाल यह उठता है कि इतनी सीटें कहां से भरी जाएंगी? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
अधिकारियों की मानी जाए तो बड़ा कारण निजी कालेजों की ईटीटी दाखिले के लिए ज्यादा फीस है। इनकी फीस 40 हजार रुपये प्रति वर्ष है। दो वर्षों में 80 हजार फीस और शेष कोर्स पर होने वाले अन्य खर्चों को उठाने की स्थिति में कोई परिवार नहीं है। इसके अलावा टीचर्स योग्यता टेस्ट पास करने के अलावा नौकरी न मिलना भी एक बड़ा कारण है। एससीईआरटी ने तो फीस भी 25,000 और तीन महीने बाद 15,000 देने का प्रावधान कर दिया था।
हाईकोर्ट ने 21 अक्तूबर को 2013-15 सत्र के लिए दाखिले के लिए निर्देश जारी किए थे। एससीईआरटी ने वर्ष 2013-15 सत्र के लिए दाखिला करने का फैसला कर लिया है।
इसके लिए 5 नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। इन दाखिलों के लिए 98 प्राइवेट और 15 सरकारी संस्थाएं योग्य होंगी।
•सरकार के फैसले चार हजार से बढ़कर सीटें ज्यादा हो जाएंगी
अधिक फीस होने के कारण कॉलेजों में ईटीटी की सीटें खाली
कालेजों को दाखिले की मान्यता के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर एक नीति बनाई थी। इसलिए जो संस्था शर्तें पूरी करती हैं, उसको मंजूरी देना विभाग की जिम्मेवारी है। दाखिला नहीं होगा तो अपने भविष्य के बारे फैसला संबंधित संस्थाओं को लेना है। अगले दो वर्ष में प्रत्येक वर्ष जुलाई से ही दाखिले होने शुरू हो जाएंगे। -रोशन लाल सूद, निदेशक, एससीईआरटी, पंजाब।