आरटीई में संशोधन को केंद्र ने बनाई राष्ट्रीय स्तर की कमेटी, 28 अक्तूबर को कमेटी की बैठक, हिमाचल भी रखेगा पक्ष

• अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू हो सकती हैं। केेंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून में संशोधन को राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी बनाई है।
इसकी पहली बैठक 28 अक्तूबर को होगी। इसमें हिमाचल की ओर से एक्ट में संशोधन को कई मसले उठाए जाएंगे। सबसे बड़ा मसला पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने का है। इनके बंद होने से प्रदेश में अब आठवीं तक परीक्षाएं बंद हैं। स्कूल स्तर पर परीक्षाएं होती हैं। बोर्ड स्तर पर पहली परीक्षा छात्रों को दसवीं में देनी पड़ती है। इससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत हुए सर्वे में भी स्कूलों की पोल खुल चुकी है। विभाग पहले भी यह मामला मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के माध्यम से केंद्र के समक्ष उठा चुका है।
अभी तक प्रदेश को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। केंद्रीय स्तर आरटीई में संशोधन करने को उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। इससे पहले केंद्र एक्ट में संशोधन को तैयार नहीं था। कमेटी की कमान हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को सौंपी गई है।
हिमाचल की ओर से शिक्षकों को रेगुलर करने के मसले पर भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में राहत देने का मसला बैठक में उठाया जाना है।
प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने बताया कि केंद्र की ओर से गठित कमेटी में हिमाचल अपना पक्ष रखेगा। अब उम्मीद है कि एक्ट में संशोधन कर हिमाचल को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा से शुरू करने की मंजूरी मिलेगी।


• अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू हो सकती हैं। केेंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून में संशोधन को राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी बनाई है।
इसकी पहली बैठक 28 अक्तूबर को होगी। इसमें हिमाचल की ओर से एक्ट में संशोधन को कई मसले उठाए जाएंगे। सबसे बड़ा मसला पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने का है। इनके बंद होने से प्रदेश में अब आठवीं तक परीक्षाएं बंद हैं। स्कूल स्तर पर परीक्षाएं होती हैं। बोर्ड स्तर पर पहली परीक्षा छात्रों को दसवीं में देनी पड़ती है। इससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत हुए सर्वे में भी स्कूलों की पोल खुल चुकी है। विभाग पहले भी यह मामला मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के माध्यम से केंद्र के समक्ष उठा चुका है।
अभी तक प्रदेश को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। केंद्रीय स्तर आरटीई में संशोधन करने को उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। इससे पहले केंद्र एक्ट में संशोधन को तैयार नहीं था। कमेटी की कमान हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को सौंपी गई है।
हिमाचल की ओर से शिक्षकों को रेगुलर करने के मसले पर भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में राहत देने का मसला बैठक में उठाया जाना है।
प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने बताया कि केंद्र की ओर से गठित कमेटी में हिमाचल अपना पक्ष रखेगा। अब उम्मीद है कि एक्ट में संशोधन कर हिमाचल को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा से शुरू करने की मंजूरी मिलेगी।
