Friday, 25 October 2013

Agetation By DYFI and SFI

Letter Reg Salary of Teachers

Pb. Govt. Meeting

Strike by BMS

8% DA announced by PB. GOvt.

8% DA Notification BY Pb. Govt.

Photo: Da notification

Vacant Posts in Govt. Schools of Punjab

Ashwani Awasthi Statement on 29th Rally at CHD

DA milan de bavjood 29 oct nu 

chandigarh mulazam sangarsh 

committee de ross march vich vadh chad 

ke shamil hona na bhuleo.Aje 10% te 

30%pay commission da arrear vi lena e

Punjab Govt. hikes 8% D.A ( Calculation of Basic Pay of ETT (ZP) Teacher )


Thursday, 24 October 2013

PWD Union INTUC Meeting

SSA/RMSA Association Stike

Pb. Cabnit meeting today

Vocational Master Association

D.A to Pb. Employee vey soon FM Punjab

15 नए निजी कॉलेजों को ईटीटी दाखिला करने की दी मान्यता

पुराने कॉलेजों में सीटें खाली नई भरने की अनुमति
15 नए निजी कॉलेजों को ईटीटी दाखिला करने की दी मान्यता

•अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में ईटीटी कोर्स के लिए पहले से ही सौ के करीब कालेजों में सीटें बड़ी तादाद में खाली पड़ी हैं और सरकार ने 15 नए प्राइवेट कालेजों को ईटीटी दाखिला करने की मान्यता दे दी है। पुराने निजी कालेजों को एक सप्ताह के भीतर खाली सीटों को भरने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब में 17 सरकारी ईटीटी संस्थान थीं, लेकिन मोगा और नवांशहर में मूलभूत ढांचा और स्टाफ की कमी के कारण एनसीईआरटी ने इन संस्थाओं को दाखिला करने से रोक दिया था। इस बार मोगा में इमारत बन गई है और नवांशहर में भी अगले वर्ष से दाखिला संभव है। इसके अलावा राज्य में 83 प्राइवेट कालेज ईटीटी के दाखिले के लिए मान्यता प्राप्त हैं। इनमें दाखिले के झगड़े को निपटाने के लिए अब 2012-13 का दाखिला किया गया है। सरकारी कालेजों और तीन निजी कालेजों में प्रत्येक में 100 सीटें हैं। अन्य 80 कालेजों में प्रत्येक में 50 सीटें हैं। इस तरह 3500 से ज्यादा सीटों में से करीब 40 फीसदी सीटें खाली बताई जा रही हैं।
इसी दौरान वर्ष 2013-14 के दाखिले के लिए 15 नए प्राइवेट कालेजों को ईटीटी में दाखिला लेने की अनुमति दी गई है। इनमें 750 सीटें और बढ़ जाएंगी। अब सवाल यह उठता है कि इतनी सीटें कहां से भरी जाएंगी? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
अधिकारियों की मानी जाए तो बड़ा कारण निजी कालेजों की ईटीटी दाखिले के लिए ज्यादा फीस है। इनकी फीस 40 हजार रुपये प्रति वर्ष है। दो वर्षों में 80 हजार फीस और शेष कोर्स पर होने वाले अन्य खर्चों को उठाने की स्थिति में कोई परिवार नहीं है। इसके अलावा टीचर्स योग्यता टेस्ट पास करने के अलावा नौकरी न मिलना भी एक बड़ा कारण है। एससीईआरटी ने तो फीस भी 25,000 और तीन महीने बाद 15,000 देने का प्रावधान कर दिया था।
हाईकोर्ट ने 21 अक्तूबर को 2013-15 सत्र के लिए दाखिले के लिए निर्देश जारी किए थे। एससीईआरटी ने वर्ष 2013-15 सत्र के लिए दाखिला करने का फैसला कर लिया है।
इसके लिए 5 नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। इन दाखिलों के लिए 98 प्राइवेट और 15 सरकारी संस्थाएं योग्य होंगी।
•सरकार के फैसले चार हजार से बढ़कर सीटें ज्यादा हो जाएंगी
अधिक फीस होने के कारण कॉलेजों में ईटीटी की सीटें खाली
कालेजों को दाखिले की मान्यता के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर एक नीति बनाई थी। इसलिए जो संस्था शर्तें पूरी करती हैं, उसको मंजूरी देना विभाग की जिम्मेवारी है। दाखिला नहीं होगा तो अपने भविष्य के बारे फैसला संबंधित संस्थाओं को लेना है। अगले दो वर्ष में प्रत्येक वर्ष जुलाई से ही दाखिले होने शुरू हो जाएंगे। -रोशन लाल सूद, निदेशक, एससीईआरटी, पंजाब।

5078 Teachers merit List will be released soon EM Maluka

Rally by Trade Unions

News from Chandigarh

News from Chandigarh

Rally all over punjab by SMSA, Punjab

Pb. Govt. give 7000 Loan to Class IV Employee,

Great singer Manna Day died

National level committee by Central Govt. for Amendment in RTEE

आरटीई में संशोधन को केंद्र ने बनाई राष्ट्रीय स्तर की कमेटी, 28 अक्तूबर को कमेटी की बैठक, हिमाचल भी रखेगा पक्ष

• अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू हो सकती हैं। केेंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून में संशोधन को राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी बनाई है।
इसकी पहली बैठक 28 अक्तूबर को होगी। इसमें हिमाचल की ओर से एक्ट में संशोधन को कई मसले उठाए जाएंगे। सबसे बड़ा मसला पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने का है। इनके बंद होने से प्रदेश में अब आठवीं तक परीक्षाएं बंद हैं। स्कूल स्तर पर परीक्षाएं होती हैं। बोर्ड स्तर पर पहली परीक्षा छात्रों को दसवीं में देनी पड़ती है। इससे स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर रहा है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत हुए सर्वे में भी स्कूलों की पोल खुल चुकी है। विभाग पहले भी यह मामला मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के माध्यम से केंद्र के समक्ष उठा चुका है।
अभी तक प्रदेश को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। केंद्रीय स्तर आरटीई में संशोधन करने को उच्च स्तरीय कमेटी बनाई है। इससे पहले केंद्र एक्ट में संशोधन को तैयार नहीं था। कमेटी की कमान हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल को सौंपी गई है।
हिमाचल की ओर से शिक्षकों को रेगुलर करने के मसले पर भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में राहत देने का मसला बैठक में उठाया जाना है।
प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने बताया कि केंद्र की ओर से गठित कमेटी में हिमाचल अपना पक्ष रखेगा। अब उम्मीद है कि एक्ट में संशोधन कर हिमाचल को बोर्ड परीक्षाएं दोबारा से शुरू करने की मंजूरी मिलेगी।

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